प्रेषक - एडवोकेट
इन्दिरा नगर , लखनऊ
मों ० नं ०
सेवा में,
1 .
2 .
महोदय ,
मेरे मुवक्किल श्री .. .. . .... ....... ..... ..... अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता /प्रबंधक .. .. .. .. .. .. .. .. .. ......... ........ ........... पता... .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. द्वारा आपको निम्नलिखित विधिक नोटिस प्रेषित करने का निर्देश दिया गया है-
1. यह कि मेरे मुवक्किल और आपके मध्य वयवसायिक सम्बन्ध रहे है।
2 . यह कि वयवसायिक सम्बन्धो से उत्पन्न दायित्वों की पूर्ति हेतु आप के द्वारा मेरे मुवक्किल को बैंक . .. .. .. ... .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. ... . . . . . . . . .. की चेक संख्या - . . . . . . . . . . . . . दिनांक . . . . . . . .
मूल्य .. . . . . . . . . . . /- स्वहस्ताक्षरित कर इस आश्वसन के साथ दी गयी की इस चेक का भुगतान अवश्य हो जायेगा।
3. यह कि मेरे मुवक्किल द्वारा उक्त चेक आपके द्वारा दिए गए निर्देशों /आश्वाशन/अवधी के अनुरूप आपको सूचित करने के बाद अपने बैंक . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . की शाखा में भुगतान के लिए प्रस्तुत की गयी।
4. यह कि उपरोक्त चेक आपके बैंक द्वारा "FUND INSUFFICIENT " के साथ अनादरित कर दी गई जिसकी सूचना मेरे मुवक्किल को उसके बैंक के द्वारा दिनांक . . . . . . . . . . को प्राप्त हुई।
5. यह कि चेक अनादरण सूचना प्राप्त होने पर मेरे मुवक्किल द्वारा आपसे संपर्क करने काकाफी प्रयास किया गया परन्तु आपके द्वारा हीला-हवाली व टाल -मटोल की जाती रही।
6. यह कि आपके द्वारा किये गए कृत्य भारतीय दंड संहिता तथा परक्राम्य लिखत अधिनियमत की धारा-
138 / 141 के अंतर्गत दण्डनीये अपराध की श्रेणी में आता है।
अतएव इस विधिक नोटिस के माध्यम से आपसे ये अपेक्षा है की जाती है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर उपरोक्त वर्णित चेक की धनराशि का भुगतान मेरे मुवक्किल को अवश्य कर दे अन्यथा मेरा मुवक्किल आपके विरुद्ध प्रथम सुचना रिपोर्ट (FIR ) / विधिक कार्यवाही करने हेतु बाध्य होगा जिसके समस्त हर्ज़ा खर्चा के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
लखनऊ भवदीय
दिनांक
(एडवोकेट )

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